सूरज की रोशनी से जग रोशन होता है,
अंधियारी रात में चाँद तारे टिम टिमाते है,
गगन कभी नीला,कभी लाल, और कभी
पीला भी हो जाता है,ये प्रकृति की एक
खूबसूरत स्वर्ग जैसी ही लगती है।
कहीं बरसता पानी है ,
और कहीं बहती नदियां,
कहीं उफनता समंद्र है,
तो कहीं शांत सरोवर भी है।
प्रकति की गोद में कितने उपहार है।
खूबसूरत प्रकति को देख बगीचे का
माली भी ख़ुशी से झूम कर नाचता है,
और कहता है,काली घटा छाई हुई है,
साथअपने यह ढेर सारी खुशियां भी लायी है।
यह प्रकृति है कितनी सुन्दर और प्यारी,
कभी तुझे देखकर ख़ुशी से मोर नाचता है,
तो कभी चिड़िया चहचाती है तो कभी ,
जंगल का राजा सिह भी दहाड़ लगाता।
हम सब को जीवन देती प्रकृति सबसे प्यारी।


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