ये वादियां कितनी हसीन और खूबसूरत  सी लगती है 
ये हसती है मुस्कराती है बतियाती है और झूमती,गाती हैं | 
वापस लौटा देती है हमारी आवाजों को ये खूबसूरत वादियां ,
अपनी खुशबूओं  से हमारे मन को साराबोर करती ये वादियां 
और इन वादियों में गूंजता हमारा नाम कितना अच्छा लगता हैं | 

       इन वादियों में गज़ल गाते ये अनवरत बहते झरने 
        सुरीले तराने सुनाते ये मोतियों जैसे सुन्दर  बुलबुले 
     मन को लुभाती और सरोबार करती इनकी खुशबू
बिखरती इनकी निराली छटा और महकती  
फ़िज़ा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती है| 

इन हसीन वादियों को देखकर ऐसा 
लगता है जैसे किसी थके हरे इंसान 
को स्वर्ग के दर्शन हो गए हो यहाँ फिर 
रेगिस्तान की कड़ी धूप में किसी ने 
बादल बरसा दिए हो। यहाँ फिर किसी 
ने कीचड़ में कमल खिला दिए हो  | 

                                              जब ये वादियां किसी बर्फ की चादर से ढक जाती है 
                                              और उस चादर के ऊपर हरे पेड़ पौधों को देखकर 
                                               ऐसा लगता है जैसे कुदरत ने खूबसूरत चित्रकारी की हो | 
                                               ऊंचे ऊंचे ये पहाड़ और ये वादियां जब आसमान को छूने 
                                               की कोशिश करते है और बादलों से बाते करते है इनको 
                                                एकटक निहारते हमारी आँखे भी नहीं थकती लगता है 
                                                बस वक़्त यही रुक जाए और  जिंदगी यही थम जाए |