तो कभी चलती सी कभी फूलों की तरह
खुशबू बिखेरती तो कभी हवा सी बहती
रहती है ये सागर की खूबसूरत लहरें |
कभी दिल को सुकून पहुँचती है
तो कभी दिल में तूफान खड़ा कर
देती है सागर की सुन्दर सी लहरें |
कभी हमारे गमों में हमारे साथ खड़ी
रहती है तो कभी हमारे गमों की वजह
बन जाती है ये सागर की सुन्दर लहरें |
कभी ख़ुशी देती है तो कभी आसूओं का
सहलाब लाती है कभी हमारे चेहरे पर
मुस्कराहट लाती है तो कभी हमारी आखों
को सुर्ख बना देती है ये सागर की लहरें |
कभी कश्तियों को साहिल पर पहुंचा
देती है तो कभी खुद ही उन कश्तियो
तो डूबा देती है ये सागर की चंचल लहरें |
कभी नजाकत से हमारे पैरो को छूती है
और कभी बहुत बेहरमी से हमें उसी सागर
में डूबो देती है ये सागर की नटखट सी लहरें |

13 Comments
Nice
ReplyDeleteThanks
DeleteNice
ReplyDeleteThanks and keep reading.
DeleteOut of mind
ReplyDeletekeep reading.
DeleteNice thought...
ReplyDeleteThanks a lot and keep reading.
DeleteThanks.
ReplyDeleteWaahh
ReplyDeleteThank you and keep reading.
Deletedeepa ma'm thats really best .Now,you are in the way to be a poet.
ReplyDeleteThank you so much and keep reading.
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